हिन्दी सीखो

नानी-दादी की कहानी, मॉं की लोरी से शुरू हो हिन्दी के उत्थान की कहानी...

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हिन्दी भाषा का इतिहास, कालखंड और परिचय

आओ, हम सब मिलकर हिन्दी पथ पर चलते हुए दुनिया को यह कहने को विवश कर दें हिन्दी.. हिन्दी और हिन्दी। वह राष्ट्र गूंगा होता है जिसकी अपनी भाषा नहीं होती.. वह जाति खत्म हो जाती है, जो अपनी भाषा को बोलचाल और व्यवहार से बाहर होने से नहीं बचा पाती है। समृद्ध, वैज्ञानिक, विशाल साहित्य भंडार की भाषा है हिन्दी। जरूरत है उसे रोजगार से जोडऩे की। उसे लेकर मन में आ रही हीनग्रंथि से उबरने की जरूरत है।

हिंदी शब्द की उत्पति ‘सिन्धु’ से जुडी है। ‘सिन्धु’ ‘सिंध’ नदी को कहते है। सिन्धु नदी के आस-पास का क्षेत्र सिन्धु प्रदेश कहलाता है। संस्कृत शब्द ‘सिन्धु’ ईरानियों के सम्पर्क में आकर हिन्दू या हिंद हो गया। ईरानियों द्वारा उच्चारित किया गए इस हिंद शब्द में ईरानी भाषा का ‘एक’ प्रत्यय लगने से ‘हिन्दीक’ शब्द बना है जिसका अर्थ है ‘हिंद का’। यूनानी शब्द ‘इंडिका’ या अंग्रेजी शब्द ‘इंडिया’ इसी ‘हिन्दीक’ के ही विकसित रूप है। हिंदी का साहित्य 1000 ईसवी से प्राप्त होता है।

भाषाओं की दृष्टि से कालखंड का विभाजन निम्नानुसार किया जाता है

  • वैदिक संस्कृत
  • लौकिक संस्कृत
  • पाली
  • प्राकृत
  • अपभ्रंश तथा अव्ह्त्त
  • हिंदी का आदिकाल
  • हिंदी का मध्यकाल
  • हिंदी का आधुनिक काल

आधुनिक भाषाओं का जन्म अपभ्रंश के विभिन्न रूपों से इस प्रकार हुआ है

  • अपभ्रंश – आधुनिक भाषाएं
  • महाराष्ट्री – मराठी
  • शौरसेनी – पश्चिमी हिंदी, राजस्थानी, पहाड़ी , गुजराती
  • ब्राचड – सिंधी
  • पैशाची – लहंदा, पंजाबी
  • मगधी – बिहारी, बंगला, उड़‍िया, असमिया
  • पश्चिमी हिंदी – खड़ी बोली या कौरवी, ब्रिज, हरियाणवी, बुन्देल, कन्नौजी
  • पूर्वी हिंदी – अवधी, बघेली, छत्तीसगढ़ी
  • राजस्थानी – पश्चिमी राजस्थानी (मारवाड़ी) पूर्वी राजस्थानी
  • पहाड़ी – पश्चिमी पहाड़ी, मध्यवर्ती पहाड़ी (कुमाऊंनी-गढ़वाली)
  • बिहारी – भोजपुरी, मागधी, मैथिली

हिन्दी साहित्य के विकास के विभिन्न काल

  • आदिकाल – (1000-1500)
  • मध्यकाल -(1500-1800 तक)
  • आधुनिक काल (1800 से अब तक )